मुम्बई। अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपए पर आज लगातार दूसरे दिन भारी दबाव दिखा। सत्र की समाप्ति पर विनिमय दर गत दिवस की तुलना में 11 पैसे बढ़कर दो सप्ताह के उच्च स्तर 39.5550-39.5600 रुपए पर पहुंच गई।डीलरों के मुताबिक हाल में आए एक बडे सार्वजनिक प्रारम्भिक निर्गम (आईपीओ) के गैर आवंटित शेयरों के लिए बड़ी रकम की वापसी से मुख्यतः रुपए पर दबाव है। सत्र की समाप्ति पर एक डॉलर की कीमत कल के 39.44-39.55 रुपए की तुलना में 0.3 प्रतिशत अर्थात 11 पैसे बढ़कर 39.5550-39.5600 रुपए पर पहुंच गई। विनिमय दर का यह स्तर 23 जनवरी के बाद का अधिकतम है।कारोबारियों का कहना है कि एक तरफ तो धन की निकासी हो रही है, वहीं दूसरी और द्वितीयक पूंजी बाजार में विदेशी संस्थान पैसा नहीं लगा रहे हैं।विदेशी संस्थागत निवेशक ने 17 जनवरी से 31 जनवरी के 12 कारोबारी दिवसों में चार अरब 80 करोड़ डॉलर की भारी बिकवाली कर चुके हैं।
Wednesday, 6 February, 2008
टीसीएस से 500 कर्मचारियों की छंटनी
मुम्बई। भारत में सॉफ्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कम्पनी टाटा कंसलटेंसी सर्विस लिमिटेड (टीसीएस) ने अपने 500 कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी कर ली है।टीसीएस प्रवक्ता प्रदीप्ता बागची ने कहा, “जो लोग कम्पनी की जरूरत के अनुसार काम करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें कम्पनी ने दूसरी नौकरी ढूंढने के निर्देश दे दिए हैं।”
टीसीएस और विप्रो घटाएंगे बोनस बीते साल कम्पनी ने आखिरी तिमाही में 31 दिसम्बर तक 4,037 कर्मचारी नियुक्त किए थे। इस प्रकार कम्पनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 83,500 से बढ़कर 1,08,229 हो गई थी।जानकारों का कहना है कि बीते कुछ समय से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होने की वजह से भी सॉफ्टवेयर निर्माता कम्पनियों को काफी घाटा हो रहा है। जानकारों के मुताबिक इस कारण भी यह कम्पनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं।
आईसीआईसीआई: ब्याज दर घटाने का दबाव
बाजार की चाल भले ही सुस्त हो लेकिन देश की रफ्तार अच्छी है। विदेशों में जो हालात हैं उसका असर भारत पर बहुत ज्यादा नहीं होने वाला है। यह बात आईसीआईसीआई बैंक के अध्यक्ष के.वी.कामत ने कही। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की की गाड़ी 10 प्रतिशत की रफ्तार से चल रही है।ब्याज दरों को घटाने के बारे में भी के.वी.कामत ने कुछ संकेत दिए हैं। एचडीएफसी के बाद आईसीआईसीआई बैंक पर भी अपनी ब्याज दरों को हल्का करने का दबाव है। उनका कहना है कि परिस्थितियों के लिहाज से ही इस बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।
Tuesday, 5 February, 2008
याहू के सौदे में गूगल का पेंच
याहू को खरीदने के माइक्रोसॉफ्ट की पेशकश में अब नया मोड़ आ गया है। माइक्रोसॉफ्ट की पेशकश से निपटने के लिए गूगल ने याहू की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।माइक्रोसॉफ्ट ने तीन दिन पहले याहू को करीब 45 अरब डॉलर (1815 अरब रुपए) में खरीदने का प्रस्ताव दिया था।
माइक्रोसॉफ्ट के प्रस्ताव पर जल्दी नहीं: याहू
माइक्रोसॉफ्ट के ऑफर पर याहू के बोर्ड को अभी फैसला करना है। लेकिन इस दौड़ में अब गूगल भी शामिल हो गया है।खबरों के मुताबिक गूगल के सीईओ एरिक श्मिट ने याहू के सीईओ जैरी यंग को मदद की पेशकश की है जिससे कि माइक्रोसॉफ्ट की पेशकश से निपटा जा सके।
याहू-माइक्रोसॉफ्ट: भारतीयों की नौकरी संकट में?
उधर माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि वो याहू को और बेहतर बनाना चाहते हैं। कम्पनी के मुताबिक अगले पांच साल में ऑनलाइन विज्ञापन का बाजार 80 अरब डॉलर (3,228 अरब रुपए) से ज्यादा का हो जाएगा।