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Tuesday, 1 April, 2008

शेयर बाजार:महंगाई, विदेशी रुख असर डालेंगे

मुंबई। बीते सप्ताह पिछले पांच महीने के दौरान सबसे लंबी छलांग लगाने वाले देश के शेयर बाजारों की चाल इस हफ्ते महंगाई को काबू करने और विदेशी बाजारों के रुख पर निर्भर करेगी।महंगाई दर ने सरकार के होश उड़ाएउन्नतीस मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में शेयर बाजारों में पिछले तीन सप्ताह से चली आ रही गिरावट विदेशी निवेशकों की सक्रियता से थमी।बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स सप्ताह में बीते पांच माह के दौरान एक हफ्ते की सर्वाधिक 1376.46 अंक अर्थात 9.19 प्रतिशत की बढत के साथ 16371.29 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 4942 अंक पर 368.05 अंक अर्थात 8.04 प्रतिशत ऊपर रहा ।दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपीटल मार्केट्स के प्रमुख अशोक अग्रवाल की राय में महंगाई की दर में तीव्र बढोतरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि देखना यह है कि सरकार इसे काबू में करने के लिए क्या- क्या उपाय करती है ।श्री अग्रवाल कहते हैं कि इसके साथ ही शेयर बाजारों का रुख अंतर्राष्ट्रीय बाजार की चाल पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। उनका कहना है कि वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने जिस तरह से मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए तीव्र आर्थिक विकास दर के साथ भी कुछ समझौता करने की बात कही है। इससे इस बात का आभास मिलता है कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों को और कस सकता है ।महंगाई की दर 15 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में 59 सप्ताह के उच्च स्तर 6.68 प्रतिशत पर पहुंच गई है और इसे लेकर सरकार सकते में है। वित्त मंत्री और पी चिदम्बरम तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने महंगाई को काबू में करने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।वायदा बाजार:बीते सप्ताह शेयर गुरुवार को माह के वायदा एवं विकल्प कारोबार का निपटान होना था, जिसे देखते हुए पहले दो दिन के दौरान शेयर बाजारों ने अच्छी दौड़ लगाई । मंगलवार को सेंसेक्स ने अपने इतिहास की अंकों के लिहाज से दूसरी बडी 928.09 अंक की बढत हासिल की । बुधवार और बृहस्पतिवार को शेयर बाजारों में कारोबारियों के सौदे पूरे करने में व्यस्त रहने से गतिविधियां कुछ कम रहीं।बाजारः चौथी तिमाही नतीजों पर नजरशुक्रवार को महंगाई की दर में जोरदार वृद्धि के बावजूद विश्व बाजारों की तेजी के बूते सेंसेक्स ने तिहरा शतक जमाया। बीते सप्ताह के पांच कारोबारी दिवस में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने तीन दिन लिवाली का बाजार को उठाने में खासा योगदान किया। सप्ताह के पहले तीन कारोबारी दिवसों ने 2227 करोड रुपए की लिवाली की। मार्च माह के दौरान 26 मार्च तक इनका कुल निकासी 772.90 करोड रुपए और इस वर्ष 11749.30 करोड रुपए की रही । पिछले साल विदेशी निवेशकों ने 17 अरब डालर से अधिक का निवेश किया था ।साझा कोषों ने 26 मार्च तक 2173.50 रुपए की शुद्ध बिकवाली की ।सेंसेक्स के अलावा बीएसई के मझौली और लघु कंपनियों के शेयरों को भी खूब समर्थन देखने को मिला । इससे इन सूचकांकों में क्रमश 558.69 तथा 679.78 अंक की जोरदार बढोतरी रही।

Thursday, 13 March, 2008

मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) औंधे मुंह नीचे आए।

विश्व भर के शेयर बाजारों की मंदी और देश में अर्थव्यवस्था की रफ्तार के धीमा पड़ने की आशंका के बीच मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) औंधे मुंह नीचे आए। बीएसई का सेंसेक्स अपने इतिहास की छठी बड़ी गिरावट 771 से करीब साढ़े सात माह के न्यूनतम स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 248 अंक का गोता लगाकर करीब तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया।सत्र की शुरुआत से ही बाजारों में बिकवाली का दबाव था। अमेरिका के शेयर बाजारों में गत दिवस की मंदी के साथ एशिया के शेयर बाजार भी आज दिन भर मंदी के चपेट में रहे। इससे यहां के शेयर बाजार भी अछूते नहीं रहे।देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की रफ्तार जनवरी में पिछले साल की इसी माह की तुलना में आधे से भी कम रहेगी। वहीं जेपी मॉर्गन का मानना है कि उद्योग और सेवा क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए 2008-09 में भारतीय अर्थव्यवस्था के सात प्रतिशत की दर से ही बढ़ने का अनुमान है। पहले इसने साढ़े सात प्रतिशत की उम्मीद जताई थी।

सेंसेक्स सत्र के शुरू में कल के 16,127।98 अंक की तुलना में 250 अंक नीचे 15,873.28 अंक पर खुला और पूरे सत्र में इससे ऊपर नहीं जा सका। कारोबार के दौरान नीचे में 15,228.99 अंक तक लुढ़कने के बाद कुल 770.63 अंक अर्थात 4.78 प्रतिशत की गिरावट से 15,357.35 अंक का रह गया।सूचकांक का यह स्तर पिछले साल 31 अगस्त के 15,318.60 अंक के बाद का न्यूनतम है। पिछले साल 31 अगस्त को सेंसेक्स 893.73 अंक अर्थात 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,318.60 पर बंद हुआ था।निफ्टी 4,868.70 अंक पर नीचा खुला और 4,580.15 अंक तक टूटने के बाद कुल 248.40 अंक अर्थात 5.10 प्रतिशत के गोते के साथ 4,623.60 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी का यह स्तर 18 दिसम्बर 2007 के बाद का सबसे कम है।

बीएसई में लगभग सभी वर्गों के सूचकांक औंधे मुंह गिरे। धातु सूचकांक ने 13,14।95 अंक की डुबकी लगाई तो अचल सम्पत्ति 965.33 अंक गिरा। इंजीनियरिंग सूचकांक 792.22 अंक, तेल व गैस 620.12 और बैंकेक्स 478.05 अंक गिरे। आईटी 160.50 अंक टूटा।मझोली और लघु कम्पनियों के शेयर भी बिकवाली की मार से दबे रहे। इनमें क्रमशः 382.18 तथा 456.74 अंक का नुकसान हुआ। इसके चलते बीएसई की स्थिति खासी पतली रही। कुल 2,707 कम्पनियों के शेयरों में कामकाज हुआ और इसमें से 86 प्रतिशत अर्थात 2,328 के शेयर नीचे आए जबकि 12.93 प्रतिशत अर्थात 350 में बढ़त और 29 में स्थिरता थी। सेंसेक्स की तीस कम्पनियों में केवल एफएमसीजी कम्पनी हिन्दुस्तान यूनिलीवर का शेयर केवल पांच पैसे की बढ़त पाने में सफल रहा।एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसैंग पांच प्रतिशत, चीन का शंघाई कम्पोजिट 2.4 प्रतिशत, जापान का निक्केई 3.3 प्रतिशत टूटे। ऑस्ट्रेलिया का शेयर बाजार दो प्रतिशत से अधिक गिरा तो यूरोप के शेयर बाजार भी नीचे खुले हैं।

अचल सम्पत्ति क्षेत्र की कम्पनी डीएलएफ का शेयर सेंसेक्स का सबसे नुकसान वाला शेयर था। इसने 606.75 रुपए पर 14.87 प्रतिशत अर्थात 105.95 रुपए की डुबकी लगाई। रिलायंस एनर्जी का शेयर 9.87 प्रतिशत अर्थात 131.05 रुपए लुढ़ककर 1,200 रुपए से नीचे 1,197.25 रुपए पर बंद हुआ।सर्वाधिक भारांक वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 2,241.65 रुपए पर 5.66 प्रतिशत अर्थात 134.55 रुपए निकले। भेल के शेयर में 1,882.80 रुपए पर 6.63 प्रतिशत अर्थात 133.70 रुपए निकल गए।टाटा स्टील, रिलायंस कम्युनिकेशंस, विप्रो, एसबीआई, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, एनटीपीसी, सत्यम कम्प्यूटर्स, भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, इन्फोसिस टेक्नोलॉजी, एसीसी और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के शेयरों में तीन प्रतिशत से लेकर नौ प्रतिशत की गिरावट आई।

Monday, 10 March, 2008

भारी उठापटक के बाद सम्भले शेयर बाजार

मुम्बई। देश के शेयर बाजारों में आज तीव्र उठापटक देखी गई। मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 636 अंक तक गिरने के बाद धातु और तेल व गैस कम्पनियों के शेयरों को मिले समर्थन से सम्भला और मात्र 52 अंक नीचा रहा। राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का निफ्टी 194 अंक तक टूटने के उपरांत समाप्ति पर 18 अंक ऊपर बंद हुआ।शुक्रवार को अमेरिका के शेयर बाजारों में गिरावट और आज एशियाई शेयर बाजारों की मंदी को देखते हुए सत्र की शुरुआत में बिकवाली का खासा दबाव दिखा, किंतु बाद में स्थिति कुछ सम्भली।
सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स पहले के 15,975।52 अंक के मुकाबले 15,684.24 अंक पर करीब तीन सौ अंक नीचा खुला और बिकवाली के दबाव से जल्दी ही टूटता हुआ नीचे में 15,362.17 अंक तक गिरने के बाद सम्भला और ऊपर में 15,998.33 अंक तक जाने के बाद समाप्ति पर सत्र के न्यूनतम स्तर की तुलना में करीब पौने छह सौ अंक सुधरने के बावजूद 15,923.72 अंक पर 51.80 अर्थात 0.32 प्रतिशत नीचा रहा।एनएसई का निफ्टी नीचे में 4,620.50 तथा ऊपर में 4,814.95 अंक तक चढ़ने के बाद कुल 18.40 अंक अर्थात 0.39 प्रतिशत लाभ से 4,790 अंक पर बंद हुआ।सेंसेक्स के अलावा बीएसई के मिडकैप, स्मॉकैप, अचल सम्पत्ति, आईटी और एफएमसीजी कम्पनियों के शेयर नुकसान में रहे। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का सूचकांक 684.03 अंक नीचे आया। धातु और तेल व गैस में क्रमशः 346.01 तथा 202.76 अंक का उछाल रहा। वाहन क्षेत्र भी हल्का सुधरा।
एशियाई शेयर बाजारों में जापान और चीन में गिरावट दिखी जबकि हांगकांग का हैंगसैंग शुरुआती गिरावट के बाद सुधर गया।मझोली और लघु कम्पनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बीएसई में साफ झलका। कुल 2,707 कम्पनियों के शेयरों के कामकाज में मात्र 759 अर्थात 28।04 प्रतिशत फायदे में रही जबकि 70.30 प्रतिशत अर्थात 1,903 में गिरावट थीं। पैंतालीस कम्पनियों के शेयर स्थिर थे। सेंसेक्स में गिरावट के बावजूद इसकी गणना में शामिल तीस कम्पनियों में से 16 फायदे और 14 घाटे में रहे।लार्सन एंड टुब्रो को हैज कारोबार में नुकसान के समाचारों से इसका शेयर 8.68 प्रतिशत अर्थात 259.40 रुपए के नुकसान से 2,728.80 रुपए पर बंद हुआ। सत्र में इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। भेल को 1,910.40 रुपए पर 5.69 प्रतिशत अर्थात 115.35 रुपए का झटका लगा।आईसीआईसीआई बैंक पिछले कई दिनों से चली आ रही गिरावट के झटके से ऊबर नहीं पाया और इसमें 871.15 रुपए पर 2.42 प्रतिशत अर्थात 21.60 रुपए और निकल गए। मारुति सुजुकी, सत्यम कम्प्यूटर्स, विप्रो लिमिटेड, एचडीएफसी, टीसीएस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस एनर्जी, इन्फोसिस टेक्नोलॉजिस, रैनबैक्सी लैब और आईटीसी के शेयर सेंसेक्स की नुकसान वाली कम्पनियों की सूची में थे।फायदे वाले शेयरों में भारती एयरटेल का शेयर 6.85 प्रतिशत बढ़कर 51.50 रुपए के फायदे से 802.80 रुपए पर पहुंच गया। टाटा स्टील 812.20-5.13 प्रतिशत पर 39.60 रुपए बढ़ा।
बजाज ऑटो, एसीसी लिमिटेड, डीएलएफ, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, ओएनजीसी, रिलायंस, अम्बुजा सीमेंट, सिप्ला, हिंडाल्को, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के शेयर फायदे वाले थे।

Tuesday, 4 March, 2008

लगातार तीसरे दिन टूटे बाजार

मुम्बई। देश का आम बजट पेश होने के बाद से मंदी की गिरफ्त में आए शेयर बाजारों को आज लगातार तीसरे दिन तगड़ा झटका लगा। मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 338 और राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का निफ्टी 89 अंक और टूट गए।सत्र की शुरुआत में हालांकि बाजार कुछ मजबूत दिख रहा था, किंतु विश्व बाजारों की नरमी और यहां बैंकिंग, इंजीनियरिंग, तेल व गैस और अचल सम्पत्ति कम्पनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहने से बाजार जल्दी ही मंदी की गिरफ्त में आ गया।वित्त राज्यमंत्री पवन कुमार बंसल के संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देने से कि अमेरिका के सब प्राइम संकट से आईसीआईसीआई बैंक को करीब 26 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है। इसका शेयर खासे दबाव में दिखा।

सेंसेक्स गत दिवस की दूसरी बड़ी गिरावट के बाद आज कारोबार की शुरुआत में 16,742।20 अंक पर मजबूत खुला। इसके बाद थोड़ा और बढ़कर ऊंचे में 16,754.06 अंक तक जाने के बाद मंदी की गिरफ्त में आया और करीब 600 अंक टूटकर नीचे में 16,164.57 अंक तक गिरने के बाद इस स्तर से करीब पौने दो अंक सुधरकर कुल 337.99 अंक अर्थात 2.03 प्रतिशत के नुकसान से 16,339.89 अंक पर बंद हुआ।एनएसई के निफ्टी में 4,864.25 अंक पर 1.79 प्रतिशत अर्थात 88.75 अंक निकले।सूर्य और उपग्रह के सम्पर्क में व्यवधान से शेयर बाजारों में आज से 18 मार्च तक कारोबार सुबह 9.55 बजे से शाम सवा चार बजे तक होगा। इस दौरान प्रात 11.45 से दोपहर 12.25 बजे के बीच कारोबार नहीं होगा।एशिया के शेयर बाजारों में जापान में स्थिरता थी। चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक 2.32 प्रतिशत नीचे आया। हांगकांग का हैंगसैंग लगातार तीसरे दिन गिरा। इसमें दो प्रतिशत का नुकसान हुआ। ऑस्ट्रेलिया का सूचकांक आधा प्रतिशत नीचे आया। यूरोप के शेयर बाजार भी ऊंचे खुलने के बाद बिकवाली दबाव में देखे गए।
बीएसई में बैंकेक्स सूचकांक में 377।68 अंक का नुकसान हुआ। इंजीनियरिंग और अचम सम्पत्ति क्रमशः 360.35 तथा 486.54 अंक गिरे। एफएमसीजी 57.23, आईटी 78.08 और पीएसयू 486.54 अंक टूट गया। ऑटो सूचकांक में 11.16 अंक का सुधार दिखा।मझोली और लघु कम्पनियों के सूचकांक क्रमशः 182.62 तथा 285.07 अंक लुढ़के।बीएसई में 2,737 कम्पनियों में कामकाज में मात्र 18.45 प्रतिशत अर्थात 505 कम्पनियों के शेयर फायदे में रहे और 2,191 अथवा 80.05 प्रतिशत घाटे में थे। मात्र 41 कम्पनियों के शेयर में कोई घटबढ़ नहीं देखी गई। सेंसेक्स की तीस कम्पनियों में 11 फायदे और 19 नीचे आए।सेंसेक्स के नुकसान वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक के शेयर को 5.16 प्रतिशत का झटका लगा। इसका शेयर 971.60 रुपए पर 52.85 रुपए नीचे आया। सत्र में यह पिछले पांच माह के न्यूनतम स्तर 929.10 रुपए तक गिरा।वैसे सेंसेक्स का सर्वाधिक नुकसान वाला शेयर एसीसी का रहा। इसमें 743 रुपए पर 5.49 प्रतिशत अर्थात 43.15 रुपए निकल गए। रिलायंस इंडस्ट्रीज को 2,241.50 रुपए पर 63.25 रुपए का नुकसान हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी दूसरी बड़ी इन्फोसिस टेक्नोलॉजिस का शेयर 52.10 रुपए गिरकर 1,419.90 रुपए का रह गया।डीएलएफ, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सिप्ला लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड, एलएंडटी, भारती एयरटेल, एसबीआई, बजाज ऑटो, एचडीएफसी बैंक, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, सत्यम कम्प्यूटर, विप्रो, भेल और रैनबैक्सी के शेयर सेंसेक्स के नुकसान वाले अन्य शेयर थे।
बजट में उत्पाद शुल्क में कमी का फायदा ऑटोमोबाइल कम्पनियां निरंतर उठा रही हैं। अग्रणी यात्री कार कम्पनी का शेयर 4.66 प्रतिशत और बढ़कर 915 रुपए पर पहुंच गया। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के शेयर में 702.90 रुपए पर 18.65 रुपए बढ़े। टाटा मोटर्स 701.80 रुपए पर 8.65 रुपए सुधरा।सर्वाधिक लाभ हिंडाल्को के शेयर में 5.27 प्रतिशत अर्थात दस रुपए का लाभ हुआ। ऊंचे में 202 रुपए तक चढ़ने के बाद यह 199.90 रुपए पर बंद हुआ। एचडीएफसी, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, रिलायंस एनर्जी, टीसीएस, टाटा स्टील, अम्बुजा सीमेंट और एनटीपीसी के शेयर फायदे वाली सूची में थे।

आईसीआईसीआई पर सबप्राइम की मार

सरकारी आंकड़ों के हिसाब से सबप्राइम संकट की वजह से आईसीआईसीआई बैंक को 26 करोड़ डॉलर (करीब 1,040 करोड़ रुपए) से ज्यादा का नुकसान हो सकता है।रिपोर्ट के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक का सबप्राइम ऋण जोखिम करीब डेढ़ अरब डॉलर (60 अरब रुपए) का है। लेकिन बैंक का कहना है कि सबप्राइम में उसका सीधा जोखिम नहीं है।

हालांकि बैंक का मानना है कि कुछ पैसा सबप्राइम के चलते फंसा जरुर है, मगर इसे नुकसान नहीं कहा जाएगा। यह ‘मार्क-टू-मार्केट’ नुकसान है।ऐसे नुकसान का अंदाजा उस हालत में लगाया जाता है जब बाजार में गिरावट होने से निवेश की कीमत गिर जाए। बैंक अगर अपने घाटे वाली सम्पत्ति को बेचती है, तभी यह नुकसान होगा।

बैंक ने कहा कि उसे भारतीय कम्पनियों में पैसा लगाने से नुकसान हुआ है, मगर वो उन निवेशकों को नहीं बेचेगी, जहां उसे नुकसान हो रहा है।

Monday, 25 February, 2008

बजट से पहले शेयर बाजार अस्थिर रहेंगे

नई दिल्ली। देश के शेयर बाजारों में आगामी सप्ताह सतर्क माहौल के बीच उतार-चढ़ाव का दौर बने रहने की सम्भावना है। उधर 22 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 766।18 अंकों यानी 4.23 प्रतिशत की गिरावट से 17,349.07 पर आ गया। राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का निफ्टी भी 192.15 अंक अर्थात 3.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,110.75 अंक पर आ गया।बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आगामी सप्ताह उतार-चढ़ाव की अधिक सम्भावना है और निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश पर जोर देना चाहिए। गुरूवार को ‘फ्यूचर एंड ऑप्शन’ का निपटान होना है और उसी दिन संसद में आर्थिक समीक्षा भी पेश होगी जिसमें अर्थव्यवस्था के बारे में सटीक सूचनाएं मिल सकेंगी। इसके एक दिन बाद आम बजट पेश होना है।
दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड के प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल के मुताबिक वोकहार्ट हॉस्पिटल, एम्मार एमजीएफ और एसईवीसी कंस्ट्रक्शन के प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को मिले कमजोर समर्थन से जो निराशा और घबराहट की स्थिति बनी थी, वह आरइसी के आईपीओ को करीब 28 गुना ज्यादा अभिदान मिलने से कम हुई है।अग्रवाल का कहना है कि इसके बावजूद सतर्कता के साथ मूलभूत रुप से मजबूत कम्पनियों के शेयरों में ही निवेश अधिक सुरक्षित रहेगा। राय में सीमेंट कम्पनियों में बहुत अच्छे अवसर नहीं हैं, किंतु एफएमसीजी, बैंकिंग और ऑटोमोबाईल को समर्थन मिल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की काफी कुछ चाल विदेशी शेयर बाजारों पर भी निर्भर करेगी।अनिल धीरूभाई अम्बानी समूह की कम्पनी रिलायंस पावर द्वारा शेयरधारकों को मुफ्त में बोनस शेयर देने की चर्चाओं के बाद सोमवार को राष्ट्रीय शेयर बाजार में इसका शेयर करीब 12 प्रतिशत चढ़कर 430 रुपए पर पहुंच गया।मुम्बई शेयर बाजार में यह पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले 11।67 प्रतिशत चढ़कर शुक्रवार के 384.20 रुपए की तुलना में 29.45 रुपए बढ़कर 413.65 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले इसके शेयर सूचीबद्ध होते ही करीब 19 प्रतिशत लुढ़क गए थे और बाजार में मायूसी छा गई थी। बाजार को इस स्थिति से उबारने के लिए कम्पनी को मुफ्त बोनस शेयर का तरीका अपनाना पड़ा।
सप्ताह के दौरान बीएसई के सेंसेक्स में कुल 766।10 अंक की गिरावट दर्ज की गई और यह 17,349.07 अंक पर आ गया। निफ्टी भी 192.15 अंक फिसल कर 5,110.75 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान बैंकिंग समेत तमाम स्टॉक औंधे मुंह गिरे। हालांकि इस मंदी में भी आईटी स्टॉक चढ़े।इसी दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के 100 डॉलर से ऊपर चले जाने का असर बाजार पर दिखा और दुनिया भर के बाजार लुढ़के। इस दौरान सेंसेक्स की ध्वजवाहक कम्पनी रिलायंस के शेयर 6.21 प्रतिशत फिसलकर 2,429.80 रुपए पर आ गए। बोनस शेयर के उत्साह में रिलायंस पावर 8.36 प्रतिशत चढ़कर 416.85 पर बंद हुआ।
एचडीएफसी बैंक और सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब के विलय पर सहमति बनने के बाद सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब के शेयर 12.69 प्रतिशत उछल कर 56.40 रुपए पर पहुंच गए। दोनों बैंकों के निदेशक मंडल की कल हुई बैठक में विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सोमवार को फिर दोनो बैंकों के निदेशक मंडल की बैठक होनी है जिसमें शेयरों के स्वैपिंग एव अन्य नियामक फैसलों पर चर्चा होगी।कुछ कारोबारियों का मानना है कि इस वर्ष का बजट चुनावी बजट होगा, जिसमें कठोर फैसले शायद ही हों। ऐसा माहौल बाजार के लिए भी अच्छा हो सकता है।

Sunday, 24 February, 2008

अमेरिकी बाजार बढ़त पर बंद

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। डाओ जोंस करीब 100 अंक चढ़ने में कामयाब रहा। वहीं नैस्डेक में मामूली बढ़त देखी गई। जबकि एसएंडपी500 सूचकांक भी चढ़कर बंद हुआ। कल दो चढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले एक में गिरावट थी।