मुंबई। बीते सप्ताह पिछले पांच महीने के दौरान सबसे लंबी छलांग लगाने वाले देश के शेयर बाजारों की चाल इस हफ्ते महंगाई को काबू करने और विदेशी बाजारों के रुख पर निर्भर करेगी।महंगाई दर ने सरकार के होश उड़ाएउन्नतीस मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में शेयर बाजारों में पिछले तीन सप्ताह से चली आ रही गिरावट विदेशी निवेशकों की सक्रियता से थमी।बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स सप्ताह में बीते पांच माह के दौरान एक हफ्ते की सर्वाधिक 1376.46 अंक अर्थात 9.19 प्रतिशत की बढत के साथ 16371.29 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 4942 अंक पर 368.05 अंक अर्थात 8.04 प्रतिशत ऊपर रहा ।दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपीटल मार्केट्स के प्रमुख अशोक अग्रवाल की राय में महंगाई की दर में तीव्र बढोतरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि देखना यह है कि सरकार इसे काबू में करने के लिए क्या- क्या उपाय करती है ।श्री अग्रवाल कहते हैं कि इसके साथ ही शेयर बाजारों का रुख अंतर्राष्ट्रीय बाजार की चाल पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। उनका कहना है कि वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने जिस तरह से मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए तीव्र आर्थिक विकास दर के साथ भी कुछ समझौता करने की बात कही है। इससे इस बात का आभास मिलता है कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों को और कस सकता है ।महंगाई की दर 15 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में 59 सप्ताह के उच्च स्तर 6.68 प्रतिशत पर पहुंच गई है और इसे लेकर सरकार सकते में है। वित्त मंत्री और पी चिदम्बरम तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने महंगाई को काबू में करने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।वायदा बाजार:बीते सप्ताह शेयर गुरुवार को माह के वायदा एवं विकल्प कारोबार का निपटान होना था, जिसे देखते हुए पहले दो दिन के दौरान शेयर बाजारों ने अच्छी दौड़ लगाई । मंगलवार को सेंसेक्स ने अपने इतिहास की अंकों के लिहाज से दूसरी बडी 928.09 अंक की बढत हासिल की । बुधवार और बृहस्पतिवार को शेयर बाजारों में कारोबारियों के सौदे पूरे करने में व्यस्त रहने से गतिविधियां कुछ कम रहीं।बाजारः चौथी तिमाही नतीजों पर नजरशुक्रवार को महंगाई की दर में जोरदार वृद्धि के बावजूद विश्व बाजारों की तेजी के बूते सेंसेक्स ने तिहरा शतक जमाया। बीते सप्ताह के पांच कारोबारी दिवस में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने तीन दिन लिवाली का बाजार को उठाने में खासा योगदान किया। सप्ताह के पहले तीन कारोबारी दिवसों ने 2227 करोड रुपए की लिवाली की। मार्च माह के दौरान 26 मार्च तक इनका कुल निकासी 772.90 करोड रुपए और इस वर्ष 11749.30 करोड रुपए की रही । पिछले साल विदेशी निवेशकों ने 17 अरब डालर से अधिक का निवेश किया था ।साझा कोषों ने 26 मार्च तक 2173.50 रुपए की शुद्ध बिकवाली की ।सेंसेक्स के अलावा बीएसई के मझौली और लघु कंपनियों के शेयरों को भी खूब समर्थन देखने को मिला । इससे इन सूचकांकों में क्रमश 558.69 तथा 679.78 अंक की जोरदार बढोतरी रही।
Tuesday, 1 April, 2008
Thursday, 13 March, 2008
मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) औंधे मुंह नीचे आए।
विश्व भर के शेयर बाजारों की मंदी और देश में अर्थव्यवस्था की रफ्तार के धीमा पड़ने की आशंका के बीच मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) औंधे मुंह नीचे आए। बीएसई का सेंसेक्स अपने इतिहास की छठी बड़ी गिरावट 771 से करीब साढ़े सात माह के न्यूनतम स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 248 अंक का गोता लगाकर करीब तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया।सत्र की शुरुआत से ही बाजारों में बिकवाली का दबाव था। अमेरिका के शेयर बाजारों में गत दिवस की मंदी के साथ एशिया के शेयर बाजार भी आज दिन भर मंदी के चपेट में रहे। इससे यहां के शेयर बाजार भी अछूते नहीं रहे।देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की रफ्तार जनवरी में पिछले साल की इसी माह की तुलना में आधे से भी कम रहेगी। वहीं जेपी मॉर्गन का मानना है कि उद्योग और सेवा क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए 2008-09 में भारतीय अर्थव्यवस्था के सात प्रतिशत की दर से ही बढ़ने का अनुमान है। पहले इसने साढ़े सात प्रतिशत की उम्मीद जताई थी।
सेंसेक्स सत्र के शुरू में कल के 16,127।98 अंक की तुलना में 250 अंक नीचे 15,873.28 अंक पर खुला और पूरे सत्र में इससे ऊपर नहीं जा सका। कारोबार के दौरान नीचे में 15,228.99 अंक तक लुढ़कने के बाद कुल 770.63 अंक अर्थात 4.78 प्रतिशत की गिरावट से 15,357.35 अंक का रह गया।सूचकांक का यह स्तर पिछले साल 31 अगस्त के 15,318.60 अंक के बाद का न्यूनतम है। पिछले साल 31 अगस्त को सेंसेक्स 893.73 अंक अर्थात 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,318.60 पर बंद हुआ था।निफ्टी 4,868.70 अंक पर नीचा खुला और 4,580.15 अंक तक टूटने के बाद कुल 248.40 अंक अर्थात 5.10 प्रतिशत के गोते के साथ 4,623.60 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी का यह स्तर 18 दिसम्बर 2007 के बाद का सबसे कम है।
बीएसई में लगभग सभी वर्गों के सूचकांक औंधे मुंह गिरे। धातु सूचकांक ने 13,14।95 अंक की डुबकी लगाई तो अचल सम्पत्ति 965.33 अंक गिरा। इंजीनियरिंग सूचकांक 792.22 अंक, तेल व गैस 620.12 और बैंकेक्स 478.05 अंक गिरे। आईटी 160.50 अंक टूटा।मझोली और लघु कम्पनियों के शेयर भी बिकवाली की मार से दबे रहे। इनमें क्रमशः 382.18 तथा 456.74 अंक का नुकसान हुआ। इसके चलते बीएसई की स्थिति खासी पतली रही। कुल 2,707 कम्पनियों के शेयरों में कामकाज हुआ और इसमें से 86 प्रतिशत अर्थात 2,328 के शेयर नीचे आए जबकि 12.93 प्रतिशत अर्थात 350 में बढ़त और 29 में स्थिरता थी। सेंसेक्स की तीस कम्पनियों में केवल एफएमसीजी कम्पनी हिन्दुस्तान यूनिलीवर का शेयर केवल पांच पैसे की बढ़त पाने में सफल रहा।एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसैंग पांच प्रतिशत, चीन का शंघाई कम्पोजिट 2.4 प्रतिशत, जापान का निक्केई 3.3 प्रतिशत टूटे। ऑस्ट्रेलिया का शेयर बाजार दो प्रतिशत से अधिक गिरा तो यूरोप के शेयर बाजार भी नीचे खुले हैं।
अचल सम्पत्ति क्षेत्र की कम्पनी डीएलएफ का शेयर सेंसेक्स का सबसे नुकसान वाला शेयर था। इसने 606.75 रुपए पर 14.87 प्रतिशत अर्थात 105.95 रुपए की डुबकी लगाई। रिलायंस एनर्जी का शेयर 9.87 प्रतिशत अर्थात 131.05 रुपए लुढ़ककर 1,200 रुपए से नीचे 1,197.25 रुपए पर बंद हुआ।सर्वाधिक भारांक वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 2,241.65 रुपए पर 5.66 प्रतिशत अर्थात 134.55 रुपए निकले। भेल के शेयर में 1,882.80 रुपए पर 6.63 प्रतिशत अर्थात 133.70 रुपए निकल गए।टाटा स्टील, रिलायंस कम्युनिकेशंस, विप्रो, एसबीआई, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, एनटीपीसी, सत्यम कम्प्यूटर्स, भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, इन्फोसिस टेक्नोलॉजी, एसीसी और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के शेयरों में तीन प्रतिशत से लेकर नौ प्रतिशत की गिरावट आई।
Monday, 10 March, 2008
भारी उठापटक के बाद सम्भले शेयर बाजार
Tuesday, 4 March, 2008
लगातार तीसरे दिन टूटे बाजार
मुम्बई। देश का आम बजट पेश होने के बाद से मंदी की गिरफ्त में आए शेयर बाजारों को आज लगातार तीसरे दिन तगड़ा झटका लगा। मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 338 और राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का निफ्टी 89 अंक और टूट गए।सत्र की शुरुआत में हालांकि बाजार कुछ मजबूत दिख रहा था, किंतु विश्व बाजारों की नरमी और यहां बैंकिंग, इंजीनियरिंग, तेल व गैस और अचल सम्पत्ति कम्पनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहने से बाजार जल्दी ही मंदी की गिरफ्त में आ गया।वित्त राज्यमंत्री पवन कुमार बंसल के संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देने से कि अमेरिका के सब प्राइम संकट से आईसीआईसीआई बैंक को करीब 26 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है। इसका शेयर खासे दबाव में दिखा।
आईसीआईसीआई पर सबप्राइम की मार
सरकारी आंकड़ों के हिसाब से सबप्राइम संकट की वजह से आईसीआईसीआई बैंक को 26 करोड़ डॉलर (करीब 1,040 करोड़ रुपए) से ज्यादा का नुकसान हो सकता है।रिपोर्ट के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक का सबप्राइम ऋण जोखिम करीब डेढ़ अरब डॉलर (60 अरब रुपए) का है। लेकिन बैंक का कहना है कि सबप्राइम में उसका सीधा जोखिम नहीं है।
हालांकि बैंक का मानना है कि कुछ पैसा सबप्राइम के चलते फंसा जरुर है, मगर इसे नुकसान नहीं कहा जाएगा। यह ‘मार्क-टू-मार्केट’ नुकसान है।ऐसे नुकसान का अंदाजा उस हालत में लगाया जाता है जब बाजार में गिरावट होने से निवेश की कीमत गिर जाए। बैंक अगर अपने घाटे वाली सम्पत्ति को बेचती है, तभी यह नुकसान होगा।
बैंक ने कहा कि उसे भारतीय कम्पनियों में पैसा लगाने से नुकसान हुआ है, मगर वो उन निवेशकों को नहीं बेचेगी, जहां उसे नुकसान हो रहा है।
Monday, 25 February, 2008
बजट से पहले शेयर बाजार अस्थिर रहेंगे
Sunday, 24 February, 2008
अमेरिकी बाजार बढ़त पर बंद
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। डाओ जोंस करीब 100 अंक चढ़ने में कामयाब रहा। वहीं नैस्डेक में मामूली बढ़त देखी गई। जबकि एसएंडपी500 सूचकांक भी चढ़कर बंद हुआ। कल दो चढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले एक में गिरावट थी।