Tuesday, 1 April, 2008
महंगाई पर कैबिनेट की आपात बैठक
Monday, 31 March, 2008
शेयर बाजार भी आज औंधे मुंह नीचे आए
बीएसई में कारोबार की शुरुआत से ही गिरावट का रुख रहा और बाजार इसके बाद संभल नहीं सका। प्रारम्भ में शुक्रवार के 16,371.29 अंक की तुलना में करीब 150 अंक नीचा खुला सेंसेक्स इससे ऊपर नहीं उठ सका और इसकी तुलना में 763 अंक टूटने के बाद समाप्ति पर मामूली सुधरा और कुल 726.85 अंक अर्थात 4.44 प्रतिशत के नुकसान से 15,664.44 अंक पर बंद हुआ।एनएसई का निफ्टी 207.50 अंक घटकर 4,734.50 अंक रह गया। एशिया के अन्य शेयर बाजारों में हांगकांग का हैंगसैंग भी 1.88 प्रतिशत नीचे आया। ऑस्ट्रेलिया में मामूली बढ़ोतरी थी। सेंसेक्स की तुलना में बीएसई के मिडकैप कम नुकसान दिखा जबकि स्मॉलकैप सुधर गया। मिडकैप 94.47 अंक नीचे तथा स्मॉलकैप 60.36 अंक ऊपर रहा। अन्य सूचकांकों में धातु सूचकांक ने 631.63 अंक का गोता लगाया। इंजीनियरिंग, ऑयल एंड गैस, अचल संपत्ति और बैंकेक्स सूचकांकों में प्रत्येक 400 अंक से अधिक टूटे। कारोबार के दौरान बीएसई में 2,698 कम्पनियों के शेयरों में लेनदेन हुआ। लघु कम्पनियों के शेयरों को मिले समर्थन से बीएसई का रुख सकारात्मक रहा। आधी से अधिक 50.44 प्रतिशत अर्थात 1,361 के शेयर फायदे में रहे जबकि 48 प्रतिशत अथवा 1,295 में नुकसान रहा। मात्र 42 कम्पनियों के शेयरों में स्थिरता थी। सेंसेक्स की तीस कम्पनियों में 26 घाटे और चार में लाभ रहा।ब्याज दरों के फिर से बढ़ने की अटकलों के बीच आवास ऋण उपलब्ध कराने वाली अग्रणी सरकारी कम्पनी एचडीएफसी का शेयर सेंसेक्स में सर्वाधिक नुकसान वाला रहा। इसमें 2,383.75 रुपए पर 8.79 प्रतिशत अर्थात 229.75 रुपए निकल गए। आईसीआईसीआई बैंक 770.10 रुपए पर 7.79 प्रतिशत अर्थात 65.10 रुपए टूट गया।सूचना प्रौद्योगिकी वर्ग की सेंसेक्स से जुड़ी चारों कम्पनियों के शेयरों में नुकसान हुआ। इनमें टीसीएस का शेयर 6.80 रुपए गिरकर 810.90 रुपए रह गया। डीएलएफ, ओएनजीसी, रिलायंस एनर्जी, हिंडाल्को, एचडीएफसी बैंक, जयप्रकाश एसोसिएट्स, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, रिलायंस कम्युनीकेशंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एलएंडटी, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स सेंसेक्स के नुकसान वाले पहले दस शेयरों में शामिल थे।फायदे वाले शेयरों में सिप्ला लिमिटेड में सर्वाधिक 1.01 प्रतिशत अर्थात 2.20 रुपए का फायदा हुआ। इसका शेयर 219.75 रुपए पर बंद हुआ। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, भारती एयरटेल और आईटीसी लिमिटेड के शेयर सेंसेक्स के अन्य फायदे वाले शेयर रहे।
Friday, 14 March, 2008
सोना 13,000, चांदी 25,000 रुपए पर
Sunday, 9 March, 2008
अमेरिकी मंदी से जार्ज बुश भी चिंतित
वाशिंगटन। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की मंदी के गम्भीर संकट का अनुमान राष्ट्रपति जार्ज।डब्ल्यू.बुश की खुलेआम चिंता व्यक्त करने से सहज लगाया जा सकता है। उन्होंने स्वीकार किया है कि अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है।लगातार दूसरे महीने मंदी के बरकरार रहने के बाद यहां इस तरह की खबरें उड़ने लगी हैं कि क्या इस महीने भी भारी संख्या में लोग बेरोजगार होंगे। बीते फरवरी महीने में यहां इतने लोग बेरोजगार हुए कि पिछले पांच साल का रिकॉर्ड टूट गया।
मंदी की भीषणता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज।डब्ल्यू. बुश को भी वक्तव्य जारी करना पड़ा। शुक्रवार को बुश ने कहा कि वह अर्थव्यवस्था की मंदी से चिंतित हैं।उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं जानता हूं कि देश की जनता अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित है और मैं भी इससे चिंतित हूं। यह स्पष्ट है कि हमारी अर्थव्यवस्था धीमी चल रही है लेकिन हमें अच्छी खबर का इंतजार करना चाहिए। बुश ने कहा कि सरकार की तरफ से जो कदम उठाए जा रहे हैं, उसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे और उसका अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
हालांकि पेंसिलविनिया के नेरोफ इकोनॉमिक एडवाइजर इंक के अर्थशास्त्री जोएल नेरोफ कहते हैं, “यह प्रश्न नहीं है कि हम लोग मंदी की तरफ बढ़ रहे हैं बल्कि सवाल यह उठता है कि मंदी की अवधि कितनी लम्बी होगी और इसकी चपेट में कितने लोग आएंगे।”अमेरीकी श्रम विभाग की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में 63,000 लोगों की नौकरी जा चुकी है। इससे पहले जनवरी में 22 हजार लोगों को रोजगार गंवाना पड़ा था। उल्लेखनीय है कि इन आंकड़ों में खेती-बाड़ी से जुड़े रोजगार शामिल नहीं हैं। वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्री का कहना है कि मार्च में बेरोजगारों की संख्या फरवरी से बढ़ सकती है। उनके मुताबिक फरवरी के बेरोजगारों में 25 हजार की संख्या और जुड़ सकती है।
हालांकि पेंसिलविनिया के नेरोफ इकोनॉमिक एडवाइजर इंक के अर्थशास्त्री जोएल नेरोफ कहते हैं, “यह प्रश्न नहीं है कि हम लोग मंदी की तरफ बढ़ रहे हैं बल्कि सवाल यह उठता है कि मंदी की अवधि कितनी लम्बी होगी और इसकी चपेट में कितने लोग आएंगे।”अमेरीकी श्रम विभाग की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में 63,000 लोगों की नौकरी जा चुकी है। इससे पहले जनवरी में 22 हजार लोगों को रोजगार गंवाना पड़ा था। उल्लेखनीय है कि इन आंकड़ों में खेती-बाड़ी से जुड़े रोजगार शामिल नहीं हैं। वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्री का कहना है कि मार्च में बेरोजगारों की संख्या फरवरी से बढ़ सकती है। उनके मुताबिक फरवरी के बेरोजगारों में 25 हजार की संख्या और जुड़ सकती है।