मुम्बई। महंगाई की चिंता और एशियाई शेयर बाजारों के टूटने से देश के शेयर बाजार भी आज औंधे मुंह नीचे आए। मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स अंकों के लिहाज से आठवीं बड़ी गिरावट 727 अंक दर्ज की गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी ने 208 अंक का गोता लगाया। महंगाई को लेकर चारों तरफ मचे हाहाकार के बीच सरकार ने अब यह संकेत दिए हैं कि इसे काबू में करने के लिए यदि आर्थिक विकास की गति को कुछ धीमा भी करना पड़ने तो वह इसके लिए तैयार है। उधर अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मंदी का असर पूरे विश्व बाजार पर दिख रहा है। एशियाई शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट देखी गई।
चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स तीन प्रतिशत गिरकर 3,472.713 अंक रह गया। वर्ष 2008 की पहली तिमाही में यह 34 प्रतिशत टूटा है जो 1992 के बाद किसी एक तिमाही की सर्वाधिक गिरावट है। जापान का निक्केई 2.3 प्रतिशत गिरकर 12,525.52 अंक रह गया। इसमें भी 2001 के बाद तिमाही का सर्वाधिक नुकसान हुआ है।देश में महंगाई को कैसे काबू किया जाए, इस पर देर शाम मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक होने जा रही है और सभी की नजर इस बैठक पर टिकी हुई हैं। गौरतलब है कि महंगाई की दर 15 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में 6.68 प्रतिशत पर पहुंच गई जो पिछले 14 माह की सर्वाधिक है।
बीएसई में कारोबार की शुरुआत से ही गिरावट का रुख रहा और बाजार इसके बाद संभल नहीं सका। प्रारम्भ में शुक्रवार के 16,371.29 अंक की तुलना में करीब 150 अंक नीचा खुला सेंसेक्स इससे ऊपर नहीं उठ सका और इसकी तुलना में 763 अंक टूटने के बाद समाप्ति पर मामूली सुधरा और कुल 726.85 अंक अर्थात 4.44 प्रतिशत के नुकसान से 15,664.44 अंक पर बंद हुआ।एनएसई का निफ्टी 207.50 अंक घटकर 4,734.50 अंक रह गया। एशिया के अन्य शेयर बाजारों में हांगकांग का हैंगसैंग भी 1.88 प्रतिशत नीचे आया। ऑस्ट्रेलिया में मामूली बढ़ोतरी थी। सेंसेक्स की तुलना में बीएसई के मिडकैप कम नुकसान दिखा जबकि स्मॉलकैप सुधर गया। मिडकैप 94.47 अंक नीचे तथा स्मॉलकैप 60.36 अंक ऊपर रहा। अन्य सूचकांकों में धातु सूचकांक ने 631.63 अंक का गोता लगाया। इंजीनियरिंग, ऑयल एंड गैस, अचल संपत्ति और बैंकेक्स सूचकांकों में प्रत्येक 400 अंक से अधिक टूटे। कारोबार के दौरान बीएसई में 2,698 कम्पनियों के शेयरों में लेनदेन हुआ। लघु कम्पनियों के शेयरों को मिले समर्थन से बीएसई का रुख सकारात्मक रहा। आधी से अधिक 50.44 प्रतिशत अर्थात 1,361 के शेयर फायदे में रहे जबकि 48 प्रतिशत अथवा 1,295 में नुकसान रहा। मात्र 42 कम्पनियों के शेयरों में स्थिरता थी। सेंसेक्स की तीस कम्पनियों में 26 घाटे और चार में लाभ रहा।ब्याज दरों के फिर से बढ़ने की अटकलों के बीच आवास ऋण उपलब्ध कराने वाली अग्रणी सरकारी कम्पनी एचडीएफसी का शेयर सेंसेक्स में सर्वाधिक नुकसान वाला रहा। इसमें 2,383.75 रुपए पर 8.79 प्रतिशत अर्थात 229.75 रुपए निकल गए। आईसीआईसीआई बैंक 770.10 रुपए पर 7.79 प्रतिशत अर्थात 65.10 रुपए टूट गया।सूचना प्रौद्योगिकी वर्ग की सेंसेक्स से जुड़ी चारों कम्पनियों के शेयरों में नुकसान हुआ। इनमें टीसीएस का शेयर 6.80 रुपए गिरकर 810.90 रुपए रह गया। डीएलएफ, ओएनजीसी, रिलायंस एनर्जी, हिंडाल्को, एचडीएफसी बैंक, जयप्रकाश एसोसिएट्स, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, रिलायंस कम्युनीकेशंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एलएंडटी, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स सेंसेक्स के नुकसान वाले पहले दस शेयरों में शामिल थे।फायदे वाले शेयरों में सिप्ला लिमिटेड में सर्वाधिक 1.01 प्रतिशत अर्थात 2.20 रुपए का फायदा हुआ। इसका शेयर 219.75 रुपए पर बंद हुआ। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, भारती एयरटेल और आईटीसी लिमिटेड के शेयर सेंसेक्स के अन्य फायदे वाले शेयर रहे।
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