Sunday, 9 March, 2008

अमेरिकी मंदी से जार्ज बुश भी चिंतित

वाशिंगटन। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की मंदी के गम्भीर संकट का अनुमान राष्ट्रपति जार्ज।डब्ल्यू.बुश की खुलेआम चिंता व्यक्त करने से सहज लगाया जा सकता है। उन्होंने स्वीकार किया है कि अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है।लगातार दूसरे महीने मंदी के बरकरार रहने के बाद यहां इस तरह की खबरें उड़ने लगी हैं कि क्या इस महीने भी भारी संख्या में लोग बेरोजगार होंगे। बीते फरवरी महीने में यहां इतने लोग बेरोजगार हुए कि पिछले पांच साल का रिकॉर्ड टूट गया।

मंदी की भीषणता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज।डब्ल्यू. बुश को भी वक्तव्य जारी करना पड़ा। शुक्रवार को बुश ने कहा कि वह अर्थव्यवस्था की मंदी से चिंतित हैं।उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं जानता हूं कि देश की जनता अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित है और मैं भी इससे चिंतित हूं। यह स्पष्ट है कि हमारी अर्थव्यवस्था धीमी चल रही है लेकिन हमें अच्छी खबर का इंतजार करना चाहिए। बुश ने कहा कि सरकार की तरफ से जो कदम उठाए जा रहे हैं, उसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे और उसका अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

हालांकि पेंसिलविनिया के नेरोफ इकोनॉमिक एडवाइजर इंक के अर्थशास्त्री जोएल नेरोफ कहते हैं, “यह प्रश्न नहीं है कि हम लोग मंदी की तरफ बढ़ रहे हैं बल्कि सवाल यह उठता है कि मंदी की अवधि कितनी लम्बी होगी और इसकी चपेट में कितने लोग आएंगे।”अमेरीकी श्रम विभाग की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में 63,000 लोगों की नौकरी जा चुकी है। इससे पहले जनवरी में 22 हजार लोगों को रोजगार गंवाना पड़ा था। उल्लेखनीय है कि इन आंकड़ों में खेती-बाड़ी से जुड़े रोजगार शामिल नहीं हैं। वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्री का कहना है कि मार्च में बेरोजगारों की संख्या फरवरी से बढ़ सकती है। उनके मुताबिक फरवरी के बेरोजगारों में 25 हजार की संख्या और जुड़ सकती है।

हालांकि पेंसिलविनिया के नेरोफ इकोनॉमिक एडवाइजर इंक के अर्थशास्त्री जोएल नेरोफ कहते हैं, “यह प्रश्न नहीं है कि हम लोग मंदी की तरफ बढ़ रहे हैं बल्कि सवाल यह उठता है कि मंदी की अवधि कितनी लम्बी होगी और इसकी चपेट में कितने लोग आएंगे।”अमेरीकी श्रम विभाग की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में 63,000 लोगों की नौकरी जा चुकी है। इससे पहले जनवरी में 22 हजार लोगों को रोजगार गंवाना पड़ा था। उल्लेखनीय है कि इन आंकड़ों में खेती-बाड़ी से जुड़े रोजगार शामिल नहीं हैं। वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्री का कहना है कि मार्च में बेरोजगारों की संख्या फरवरी से बढ़ सकती है। उनके मुताबिक फरवरी के बेरोजगारों में 25 हजार की संख्या और जुड़ सकती है।

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