बीच देश के शेयर बाजार आज रेत के किले की तरह ढहते नजर आए। मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) के सेंसेक्स में अंकों के लिहाज से दूसरी तथा राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) के निफ्टी ने तीसरी बड़ी गिरावट का स्वाद चखा।सत्र की शुरुआत से ही बीएसई और एनएसई में बिकवाली का दबाव दिखा और इसके बाद यह ऊबर नहीं पाए। अमेरिका की मंदी ने शेयर बाजारों को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में रखा। शुक्रवार को अमेरिका के शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट रही थी।
सेंसेक्स शुक्रवार के 17,578।72 की तुलना में करीब 350 अंक नीचा 17,227.56 अंक पर खुला और फिर इस स्तर से ऊपर नहीं उठ सका। नीचे में 16,634.63 अंक तक गिरने के बाद समाप्ति पर इसकी तुलना में मामूली सुधरा और अंकों के लिहाज से दूसरी बड़ी 900.84 अंक अर्थात 5.12 प्रतिशत के नुकसान से 16,677.80 अंक पर बंद हुआ। बीएसई पर कोई भी वर्ग का सूचकांक बिकवाली से बच नहीं सका।ऐसा ही हाल निफ्टी का दिखा। कारोबार के शुरू में यह शुक्रवार के 5,223.50 अंक के मुकाबले 5,222.80 अंक पर खुला और इसके बाद सुधर नहीं पाया। कारोबार में नीचे में 4,936.05 अंक तक गिरने के बाद समाप्ति पर 270.80 अंक अर्थात 5.18 प्रतिशत के नुकसान से 4,953 अंक पर बंद हुआ।
इससे पहले सेंसेक्स में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट इसी वर्ष 21 जनवरी के कारोबार में 1,408।35 अंक की थी। निफ्टी में सबसे बड़ा नुकसान भी इसी दिन 496.50 अंक का था। इसके बाद 22 जनवरी को निफ्टी में दूसरी बड़ा नुकसान 309.50 अंक था।विदेशी शेयर बाजारों में हांगकांग का हैंगसैंग, जापान का निक्केई और ऑस्ट्रेलिया के सूचकांक नीचे रहे जबकि चीन में शंघाई कम्पोजिट में सुधार दिखा।
बीएसई के अन्य सूचकांकों में मिडकैप और स्मॉलकैप में क्रमशः 315।54 तथा 389.78 अंक का नुकसान हुआ। अन्य वर्गों में सर्वाधिक गिरावट धातु और इंजीनियरिंग सूचकांक में क्रमशः 940.65 तथा 936.89 अंक की रही। बैंकेक्स 679.29 अंक डूबा। अचल सम्पत्ति और तेल व गैस ने भी छह-छह सौ अंक से अधिक का गोता लगाया।बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि बीएसई में 2,766 कम्पनियों के शेयरों के कामकाज में मात्र 14.32 प्रतिशत अर्थात 396 में सुधार हुआ जबकि 2,330 अर्थात 84.24 प्रतिशत के शेयर नीचे आए और मात्र 40 में कोई घटबढ़ नहीं दिखी।
सेंसेक्स की तीस कम्पनियों में चार के शेयर फायदे और शेष सभी घाटे में रहे।केंद्रीय वित्तमंत्री पी।चिदम्बरम ने मंहगाई को लेकर अपनी चिंता फिर जताई है। उन्होंने कहा कि कहा कि खाद्यान्नों के आयात पर हमारी जितनी निर्भरता रहेगी, उतना ही महंगाई का खतरा बना रहेगा, घरेलू बाजार पर असर नहीं होगा।बजट में छोटी कारों पर उत्पाद शुल्क घटाए जाने से भारी गिरावट के बावजूद देश की अग्रणी यात्री कार कम्पनी मारुति सुजुकी का शेयर लाभ में रहा। इसमें 874.30 रुपए पर 0.82 प्रतिशत अर्थात 7.10 रुपए बढ़े।
औषधि और कृषि क्षेत्र को दी गई तवज्जो से औषधि कम्पनी सिप्ला और रैनबैक्सी के शेयर भी फायदे में रहे। सेंसेक्स में सर्वाधिक मुनाफा सिप्ला के शेयर में 2।12 प्रतिशत का फायदा हुआ। यह 4.40 रुपए बढ़कर 211.65 रुपए पर पहुंच गया। रैनबैक्सी में 450.55 रुपए पर 1.08 अर्थात 4.80 रुपए तथा हिन्दुस्तान यूनिलीवर में 231.80 रुपए पर 4.45 रुपए का सुधार रहा।बजट में किसानों का ऋण माफ किए जाने की घोषणा से बैंकिंग वर्ग के शेयर अधिक बिकवाली में दिखे। बाजार सूत्रों का कहना था कि इस ऋण की भरपाई कैसे होगी, यह स्पष्ट नहीं होने से बैंकिंग शेयर अधिक बिकवाली के दबाव में रहे।
शेयर कारोबार में पूंजीगत लाभ पर कर को 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाना भी गिरावट में मददगार रहा। शुक्रवार को भी शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट थी।सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी एसबीआई के शेयर में सर्वाधिक 8।83 प्रश्तिात का नुकसान हुआ। इसका शेयर 186.30 रुपए गिरकर 1,923.40 रुपए रह गया। अचल सम्पत्ति कम्पनी डीएलएफ के शेयर में 714.70 रुपए पर 65.85 रुपए अर्थात 8.44 प्रतिशत का नुकसान था।
सूचकांक में सर्वाधिक भारांक रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर ने 2,304.75 रुपए पर 6.24 प्रतिशत अर्थात 153.50 रुपए की डुबकी लगाई। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की चारों बड़ी कम्पनियों के शेयर तीन प्रतिशत से अधिक नीचे थे।एचडीएफसी, भेल, हिंडाल्को, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एलएंडटी, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, टाटा स्टील तथा ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर नुकसान के घाटे वाले शेयरों में रहे।
0 comments:
Post a Comment