Monday, 25 February, 2008

बजट से पहले शेयर बाजार अस्थिर रहेंगे

नई दिल्ली। देश के शेयर बाजारों में आगामी सप्ताह सतर्क माहौल के बीच उतार-चढ़ाव का दौर बने रहने की सम्भावना है। उधर 22 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 766।18 अंकों यानी 4.23 प्रतिशत की गिरावट से 17,349.07 पर आ गया। राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का निफ्टी भी 192.15 अंक अर्थात 3.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,110.75 अंक पर आ गया।बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आगामी सप्ताह उतार-चढ़ाव की अधिक सम्भावना है और निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश पर जोर देना चाहिए। गुरूवार को ‘फ्यूचर एंड ऑप्शन’ का निपटान होना है और उसी दिन संसद में आर्थिक समीक्षा भी पेश होगी जिसमें अर्थव्यवस्था के बारे में सटीक सूचनाएं मिल सकेंगी। इसके एक दिन बाद आम बजट पेश होना है।
दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड के प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल के मुताबिक वोकहार्ट हॉस्पिटल, एम्मार एमजीएफ और एसईवीसी कंस्ट्रक्शन के प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को मिले कमजोर समर्थन से जो निराशा और घबराहट की स्थिति बनी थी, वह आरइसी के आईपीओ को करीब 28 गुना ज्यादा अभिदान मिलने से कम हुई है।अग्रवाल का कहना है कि इसके बावजूद सतर्कता के साथ मूलभूत रुप से मजबूत कम्पनियों के शेयरों में ही निवेश अधिक सुरक्षित रहेगा। राय में सीमेंट कम्पनियों में बहुत अच्छे अवसर नहीं हैं, किंतु एफएमसीजी, बैंकिंग और ऑटोमोबाईल को समर्थन मिल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की काफी कुछ चाल विदेशी शेयर बाजारों पर भी निर्भर करेगी।अनिल धीरूभाई अम्बानी समूह की कम्पनी रिलायंस पावर द्वारा शेयरधारकों को मुफ्त में बोनस शेयर देने की चर्चाओं के बाद सोमवार को राष्ट्रीय शेयर बाजार में इसका शेयर करीब 12 प्रतिशत चढ़कर 430 रुपए पर पहुंच गया।मुम्बई शेयर बाजार में यह पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले 11।67 प्रतिशत चढ़कर शुक्रवार के 384.20 रुपए की तुलना में 29.45 रुपए बढ़कर 413.65 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले इसके शेयर सूचीबद्ध होते ही करीब 19 प्रतिशत लुढ़क गए थे और बाजार में मायूसी छा गई थी। बाजार को इस स्थिति से उबारने के लिए कम्पनी को मुफ्त बोनस शेयर का तरीका अपनाना पड़ा।
सप्ताह के दौरान बीएसई के सेंसेक्स में कुल 766।10 अंक की गिरावट दर्ज की गई और यह 17,349.07 अंक पर आ गया। निफ्टी भी 192.15 अंक फिसल कर 5,110.75 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान बैंकिंग समेत तमाम स्टॉक औंधे मुंह गिरे। हालांकि इस मंदी में भी आईटी स्टॉक चढ़े।इसी दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के 100 डॉलर से ऊपर चले जाने का असर बाजार पर दिखा और दुनिया भर के बाजार लुढ़के। इस दौरान सेंसेक्स की ध्वजवाहक कम्पनी रिलायंस के शेयर 6.21 प्रतिशत फिसलकर 2,429.80 रुपए पर आ गए। बोनस शेयर के उत्साह में रिलायंस पावर 8.36 प्रतिशत चढ़कर 416.85 पर बंद हुआ।
एचडीएफसी बैंक और सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब के विलय पर सहमति बनने के बाद सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब के शेयर 12.69 प्रतिशत उछल कर 56.40 रुपए पर पहुंच गए। दोनों बैंकों के निदेशक मंडल की कल हुई बैठक में विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सोमवार को फिर दोनो बैंकों के निदेशक मंडल की बैठक होनी है जिसमें शेयरों के स्वैपिंग एव अन्य नियामक फैसलों पर चर्चा होगी।कुछ कारोबारियों का मानना है कि इस वर्ष का बजट चुनावी बजट होगा, जिसमें कठोर फैसले शायद ही हों। ऐसा माहौल बाजार के लिए भी अच्छा हो सकता है।

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