19 फरवरी 2008आवाज़ समाचाररिलायंस पावर की तमाम कोशिशों के बावजूद उसके शेयरों में जोश नहीं आ पा रहा है। शेयर में जान डालने और निवेशकों का घाटा पूरा करने के लिए कम्पनी ने बोनस शेयर तक का ऐलान किया। लेकिन इस खबर के बाद भी रिलायंस पावर के शेयर अब भी इश्यू मूल्य से नीचे है।
शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के एक हफ्ते के अंदर ही रिलायंस पावर बोनस शेयर देने जा रही है। निवेशकों का नुकसान कम करने का इसके अलावा कम्पनी के पास शायद कोई चारा भी नहीं है। 24 फरवरी को कम्पनी की बोर्ड बैठक में इस बारे में औपचारिक फैसला किया जाएगा।
हालांकि कम्पनी अब भी यह मानने को तैयार नहीं है कि रिलायंस पावर की हालत इसलिए खराब हुई है कि उसका इश्यू महंगा था। कम्पनी को इसमें किसी की साजिश नजर आती है।
लेकिन जानकारों का मानना है कि यह इश्यू काफी महंगा था। इसीलिए इसका यह हाल हुआ है। बोनस से निवेशकों की लागत कम होगी। पर देखना होगा कि कम्पनी बोनस का अनुपात कितना रखती है। उसके बाद ही तय होगा कि निवेशकों को कितना फायदा होगा। इसका अंदाजा अभी नहीं लगाया जा सकता।अनिल अम्बानी के लिए निवेशकों का भरोसा जीतना बेहद जरुरी है क्योंकि एडीएजी समूह की ओर से रिलायंस इंफ्राटेल और फ्लैग टेलीकॉम जैसे कई आईपीओ आने हैं। उनके लिए अभी से तैयारी करनी होगी। वरना उनका हाल भी रिलायंस पावर जैसा हो सकता है।
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